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छोटे के प्रति करुणा और बड़े के प्रति समर्पण प्रेम पूर्वक न कि भय के कारण से, न ही अनंत इच्छाओं की पूर्ति के भावना से |
omkarsinghnohwar2512@gmail.com
छोटे के प्रति करुणा और बड़े के प्रति समर्पण प्रेम पूर्वक न कि भय के कारण से, न ही अनंत इच्छाओं की पूर्ति के भावना से |