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गुरु पूर्णिमाको शुभकामना श्री दिपान्शु सर🙏🙏
Thank you for all the blessings, guidance and wisdom.1 Comment -
Few lines which came to mind for lord Rahu…..
ना शरीर है, ना बदन मेरा,
जहाँ रहूँ, वहीं जमा लूँ अपना डेरा।
भूख की ना कोई सीमा मेरी,
सूर्य-चंद्र को निगलूँ, कर दूँ दुनिया अंधेरी।वक्र है मेरी चाल, वक्र हैं मेरे ख़याल,
गर्व मुझे, जिसने तोड़ा नारायण का मोहिनी मायाजाल।
हे मनुष्य, ये भूल मत जाना,
मैं ही था जिसने अमृत का प्याला चख…Read More1 Comment




Happy Guru Purnima Sir 🙏🏻